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फसल मुआवजा: हरियाणा के किसानों को मई तक मिलेगा मुआवजा, फसल में नुक़सान की रिपोर्ट 3 अप्रैल तक होगी 

राज्य ब्यूरो, नमस्कार किसान भाइयों हम आपको आज मुआवजे के बारे में जानकारी देने जा रहे हैं। हरियाणा सरकार द्वारा जिन किसान भाइयों ने फसल बीमा योजना के जरिए अपनी फसल का बीमा नहीं कराया उन किसानों को हरियाणा सरकार मुआवजा देने जा रही है। ऐसे किसानों को सरकार अपने खजाने से मुआवजा देगी। गिरदावरी का काम अधिकारी द्वारा अगले 15 दिन तक पूरा कर लिए जाने की योजना है। हरियाणा सरकार ने दावा किया है कि मई में संबंधित किसानों को फसल नुक़सान का मुआवजा दिया जाएगा।

राज्य सरकार फसल बीमा योजना का लाभ नहीं लेने वाले किसानों को 15 हजार रुपए प्रति एकड़ के हिसाब से मुआवजा देगी।मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि किसानों की खराब हुई फसलों का आइडिया लगाकर मई महीने तक संबंधित किसानों के बैंक अकाउंट में मुआवजे की राशि ट्रांसफर कर दी जाएगी।

मौजूदा सरकार द्वारा 1300 करोड़ रुपए का मुआवजा किसानों को दिया गया है। बेमौसमी बारिश और ओलावृष्टि के कारण से खराब हुई फसलों का अनुमान लगाने के निर्देश अधिकारियों को दे दिए गए हैं। मुआवजा प्राप्त करने के लिए किसानों को ई-फसल क्षतिपूर्ति पोर्टल पर अपने फसल के ख़राबे का ब्योरा डालना जरूरी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ हिस्सों से ई-फसल क्षतिपूर्ति पोर्टल के ना चलने की शिकायत मिल रही है। उसे दूर कर लिया गया है, लेकिन जो किसान ख़ुद क्षतिपूर्ति पोर्टल पर अपने नुकसान का ब्यौरा भर नहीं पा रहे हैं , वह काम सर्विस सेंटर में जाकर भरवा सकते हैं। काम सर्विस सेंटर के जरिए क्षतिपूर्ति पोर्टल पर नुकसान का ब्योरा भरवाने की लागत राज्य सरकार द्वारा दी जाएगी। फसल बीमा योजना के तहत जो किसान अपनी फसल का बीमा करते हैं, उन्हें नुकसान होने पर उसकी भरपाई बीमा कंपनियों द्वारा की जाती है।

ई-फसल क्षतिपूर्ति पोर्टल दोबारा खोला ( फसल मुआवजा)

राज्य : हरियाणा सरकार ने किसानों की सुविधा के लिए ई-फसल क्षतिपूर्ति पोर्टल एक बार फिर खोल दिया है। इससे पहले पोर्टल को बंद कर दिया गया था, क्योंकि फसल के पंजीकरण की एक समय सीमा होती है। मुख्यमंत्री ने शहरी निकाय विभाग की बैठक के बाद कहा कि पोर्टल पर वहीं किसान फसल के नुकसान का दर्ज करा सकते हैं, जिन्होंने पहले मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल पर पंजीकरण किया है।

कई किसानों से शिकायत मिली है कि उन्होंने पोर्टल में पंजीकरण नहीं किया है। इस कारण वे क्षतिपूर्ति पोर्टल पर भी फसल खराबे की जानकारी डाल नहीं पा रहे हैं। इसके बाद सीएम ने इस पर संज्ञान लिया।

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